surgical strike

विश्व की 5 सबसे खतरनाक सर्जिकल स्ट्राइक जानिए भारत किस नंबर पर

आज हम आपको बताने वाले है की दुनिया की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जो की पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी

क्या होती है सर्जिकल स्ट्राइक

सर्जिकल स्ट्राइक का मतलब है एक ऐसा सैन्य हमला जिसमे किसी ख़ास दुश्मन टारगेट को निशाना बनाया जाये और ऐसा करने से पहले उस दुश्मन टारगेट की पूरी प्लानिंग और जानकारी
इखट्टा की जाती है और एक एक बारीकियों का ख्याल रखकर एक दम सटीक हमला किया जाता है सर्जिकल स्ट्राइक मै इस बात का भी धयान रखा जाता है की जिस जगह या इलाके मै आतंकी या दुश्मन छुपे हुए है सिर्फ उन्ही जगह को निशाना बनाया जाये और इस से बाकि लोगो को कोई नुकसान न पहुंचे इस ऑपेरशन को अंजाम देने के लिए सेना के स्पेशल कमांडो को कमान सौपी जाती है और जानकारी बेहद गोपनीय रखी जाती है

5. ऑपरेशन म्यांमार:-
4 जून 2015 को नागा उग्रवादियो ने चंदेल एरिया में भारतीय सैनिको पर हमला कर दिया था इस दौरान भारत के 18 सैनिक सहीद हो गए थे इसके बाद जवाबी कार्यवाही करते हुए भारतीय सेना की 70 सैनिको की टीम ने म्यांमार के जंगलो में सर्जिकल ऑपरेशन किया 40 मिनट चले सर्जिकल ोपेर्तिओं में 50-100 नागा उग्रवादियों को मौत के घाट उतरा गया था वही 10-20 नागा उग्रवादि गंभीर रूप से घायल हुए थे

4. ऑपरेशन नेप्ट्यून स्पीयर-
विश्व के लिए चिंता का विषय बन चुके और अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला करने वाले अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमेरिका ने सर्जिकल स्ट्राइक किया था! 2 मई 2011 में अमेरिकी सेना की स्पेशल टास्क फाॅर्स ने पाकिस्तान के अब्बोत्ताबाद में स्तिथ एक घर में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था ये एक प्रीप्लान हमला था जिसे सीआईए ने संचालित किया था

3 रैथ ऑफ़ गॉड
साल 1972 में ओलिंपिक खेलो के आयोजन के दौरान ओलिंपिक विलेज में हतियारो से लेस आतंकवादी घुस गए थे उन्होंने 11 इसरायली खिलाड़ियों को बंधक बना लिया उसके बाद उन्होंने जेल में बंद 234 गुलस्तिनियो की रिहाई की मांग रखी उसके बाद इसरायली सेना ने ख़ुफ़िया एजेंसी मुसाद टीम के शार्प शूटरो ने आतंवादियो को निशाना बनाना शुरू कर दिया खुद को चारो तरफ से खिरता देख आतंकवादियों ने निहते खिलाड़ियों पर गोलिया बरसाना शूरु कर दी एक हेलीकाप्टर को बम से उड़ा दिया गया दूसरे हेलीकाप्टर में में बैठे खिलाड़ियों को भी भून दिया गया कुछ ही मिनटों में एयरबेस में मौजूद हर आतंकी मारा गया साथ ही इसराएल के 9 खिलाडी आतंकवादियों की गोलियों के शिकार हो गए इसराएली सेना ने अपनी खुफिया एजेंसी मौसाद की मदद से उन सभी लोगो की क़त्ल की योजना बनाई जिनका वास्ता ऑपरेशन ब्लैक सितम्बर से था इस मिशन को नाम दिया गया रैथ ऑफ़ गॉड नुएरिक नरसंघार के दो दिन बाद इसराएली सेना ने सिरिआ और लेबनान में मौजूद फिलिस्तीन लिबरेशन आर्गेनाईजेशन के दस ठिकानो पर बम बारी की और करीब 200 आतंकियों और आम नागरिको मौत के घाट उतार दिया गया था

2 ऑपरेशन एल ओ सी
URI हमले के बाद 28-29 सितम्बर 2016 को भारतीय सेना के पेरा कमांडोज़ ने एल ओ सी के उस पार जाकर रात के अँधेरे में आतंकी कैंपो को तबाह करने के साथ साथ उनके 7 लॉन्चिंग पेढ भी बर्बाद कर दिए थे सैन्य कार्यवाही में पाकिस्तान के कुछ जवानो समेत कई आतंकी मारे गए थे इसके बाद पाकिस्तान की सेना ने कुछ समय के लिए वहा से आतंकी कैंपो को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था हालाँकि पाकिस्तान बार बार भारतीय जवानो द्वारा की गयी कार्यवाही को झूठा करार देता रहा लेकिन इसका खौफ आज भी बना हुआ है

1. ऑपरेशन थंडरबोल्ट
ये अब तक का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन माना जाता है इसमें इसराएल ने अपने 106 नागरिको को बचाने के लिए यूगांडा पर धावा बोल दिया था इसे कोर नाम थंडरबोल्ट या मिशन ऐंटीबी के नाम से भी जाना जाता है दरसल 3 जुलाई 1976 को पॉपुलर फ्रंटफॉर लिबरेशन ऑफ़ फिलिस्तीन के 7 आतंकवदीओ ने एयर फ्रांस के एक विमान को यूगांडा के एंटाबे हवाई अडडे पर हाईजैक कर लिया था विमान में 106 इसराएली नागरिक सवार थे और आतंकी इसराएल में कैद अपने साथियो की रिहाई चाहते थे यूगांडा के तानाशाह ई बी आमिन ने इसराएली नागरिको को बचाने की कोई रूचि नहीं दिखाई इसके बाद इसराएली एयर फाॅर्स ने खुद कुछ करने की ठानी और स्पेशल फाॅर्स के 100 कमांडो को रात में एक ट्रांसपोर्ट प्लेन से लगभग 4000 किलोमीटर दूर यूगांडा भेजा इस असम्भव से ऑपरेशन में इसराएली सैनिको ने यूगांडा के एंटेबि एयरपोर्ट पर हमला बोल दिया था ये कमांडो हवाई अड्डे पर आतंकियों को धोखा देकर एक कार में आये और गोली बारी शुरू कर दी फिर क्या था एक के बाद एक आतंकी को मार गिराया गया 106 बंधकों में से 3 बंधक मारे गए और इसमें यूगांडा के 45 फौजी भी मारे गए थे और सिर्फ एक इसराएली कमांडो योनाथन राइज़मिओ की मौत हुई और अन्य 10 सैनिक फौजी जख्मी हुए थे इस गोली बारी में इसराएल ने यूगांडा सेना के 11 रूसी निर्मित मिक 17 और मिक 21 भी तबाह कर दिये थे इस मिशन को इस्राएली कमांडो योनाथन की याद में ऑपरेशन योनाथन से भी जाना जाता है

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