fastupnews

गोंडा बर्तन धुलते देश का भाविष्य

देश के भविष्य कहे जाने वाले नौनिहालों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था – अच्छे स्वास्थ्य और उनको अच्छी सुविधा दिए जाने की बातें तो सरकारी फाइलों में गुलाबी नज़र आती हैं ….  सरकार के दावों को पलीता लगाती कुछ ऐसी ही तस्वीर गोण्डा से सामने आई है जंहा दो प्राथमिक विद्यालय में छोटे – छोटे छात्र – छात्राओं के लिए स्कूल में बनने वाले मिड डे मिल का खाना छात्रों को देने के बावत इनसे खुलेआम बर्तन धुलवाया जाता है और इन बच्चो को खाना खाने के लिए विद्यालय के बाहर खुले आसमान के नीचे खेतों में जाना पड़ता है। इन तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह देश का भविष्य बर्तन धुल रहा है और शिक्षक आराम से कुर्सी तोड़ रहे हैं …. इन दो स्कूलों की तस्वीर पर देखिये यह खास रिपोर्ट …. !

छोटे – छोटे यह छात्र – छात्राएं गोण्डा के प्राथमिक विद्यालय मझवा लक्ष्मणपुर व पूर्व माध्यमिक विद्यालय परेड सरकार के हैं …. यहां इन नौनिहालों से शिक्षकों व रसोईयां की मौजूदगी में मिड डे मील का खाना खाने के बाद इन छात्रों से ही बर्तन साफ कराने के अपराध को रोजाना दोहराया जाता है और तो और इन बच्चों को भोजन के लिए खुले आसमान के नीचे विद्यालय से दूर खेत मे बैठना पड़ता है। बच्चों से इस प्रकार का कार्य शिक्षा के स्थल पर लिया जाना यहां के स्कूल प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है। पहले जब जब इस मामले पर मझवा लक्ष्मणपुर की सहायक अध्यापिका ममता से बात की गई तो उनका शर्मनाक बयान सामने आया जिसमे वह कह रही है कि जब बच्चे बर्तन खुद ही धुलने लगे तो हम क्या करे …. यह काम रसोइया का है और वो नही धुलती जबकि हम बच्चों को डांटते भी है …. फिलहाल स्कूल में तीन में से दो रसोईयां मौजूद हैं फिर भी बच्चों से बर्तन साफ कराया जा रहा।

अब बात करते हैं परेड सरकार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय की जंहा भी स्थित दयनीय ही दिखी कर यंहा के बच्चों पर भी वही सितम ढहाया जा रहा है और जब यंहा की बात की गई तो इन्होंने बताया कि हमारे यंहा एक सुमन यादव और गीता दो रसोइयां हैं यही दोनों खाना बनाती है और बर्तन भी साफ करती है …. फिर अपनी ही बात को बदलते हुए प्रधानाचार्य ने कहा कि बच्चे बर्तन तब धुलते जब उनको खाना खाना होता है जबकि हमारे कैमरे जो तस्वीरें कैद हुई वह कुछ कर ही बयां कर रही हैं …. तो साफ तौर पर अब कहा जा सकता है कि यंहा के भी प्रधानाचार्य का जो बयान सामने आया वह भी गैर जिम्मेदाराना ही था। इन छात्र – छात्राओं के साथ यंहा पढ़ाने के बजाय क्या करवाया जाता है …. इसको तो इन दो विद्यालयों में कैद हुई तस्वीरें साफ बंया कर रही हैं।  अब जरा जिले के बेसिक शिक्षा आधिकारी का भी बयान सुन लीजिए …. बीएसए मनीराम का कहना है कि मामला हमारे संज्ञान में आपके द्वारा लाया गया है जिसकी जांच हम अपने खण्ड शिक्षा अधिकारी से कराएंगे और मामले में जिनको भी दोषी पाया जाएगा और उनका जो भी दोष सामने आएगा उन पर वैसी ही कार्यवाही की जाएगी।
Input By:Sanish Srivastav

Random Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*