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अमेठी-5 माह बाद भी पुलिस अभय हत्याकान्ङ खुलासे से दूर,पत्रकारिता दिवस पर अमेठी प्रेस क्लब ने मनाया काला दिवस

अमेठी अपराध का गढ बन गई है वही जिले के कप्तान खुद पूरी तरीके से फेल है अमेठी मे आम जनता तो दूर अब लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ को न्याय नही मिल रहा बीते 150 दिनो मे अमेठी पुलिस अमेठी के बहुचर्चित छात्र अभय हत्याकान्ङ  का खुलासा करने मे बेबस और लाचार है वही विभागीय जिम्मेदारो कि माने तो मामले का वर्कआउट अब सीबीआई करेगी सवाल ये है कि जब लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ के पुत्र के हत्यारो को सलाखो के पीछे पहुचाने के साथ पीङित परिवार को न्याय दिलाने मे अमेठी पुलिस कि कार्यशैली टेढी खीर साबित हो रही है तो आम जनता को अमेठी पुलिस कितना महफूज रख पायेगी ये बङा सवाल है पुलिस के बङे जिम्मेदारो के लिए

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मामला अमेठी है जहा बीते 14 जनवरी को जवाहर नवोदय विद्यालय मे पढने वाले हिन्दुस्तान के पुत्र अजय सिंह के पुत्र अभय सिंह की हत्या कर शव को रेलवे ट्रेक पर फेक दिया गया था घटना के बाद से ही संबन्ध थानाध्यक्ष के साथ खुद अमेठी एसपी कुन्तल किशोर कि व्यवस्था लचर फचर थी पहले तो थानाध्यक्ष ने हत्या को आत्महत्या साबित करने मे जुटे थे लेकिन स्थानीय पत्रकारो के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन आज 150 दिनो के बाद भी पुलिस ना तो हत्यारो तक पहुच पाई और ना ही किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुच पाई पूरे मामले मे स्थित यहा तक बिगड़ गई कि स्थानीय पत्रकारो ने कई दिनो तक अनशन वा प्रर्दशन करते रहे वही इसके साथ ही खुद पीङित पिता ने हत्यारो का सुराख देने के लिए खुद 50 हजार का इनाम रख्खा था लेकिन उससे भी कुछ निराकरण नही निकला

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वही पूरे मामले मे आज 150 दिन बाद खुलासा ना होने के बाद मामला अब सीबीआई तक पहुंच गया है लेकिन खुलासा ना होने से नाराज पत्रकारो ने विश्वव पत्रकारिता दिवस पर हर वर्ष कि तरह कार्यक्रम आयोजित ना कर पत्रकारिता दिवस को काला दिवस के तौर पर मनाकर पुलिस प्रशासन के प्रति विरोध जारी किया

वही पूरे मामले मे अमेठी प्रेस क्लब अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र कि माने तो अभय हत्याकांड खुलासा ना होने के विरोध मे पुलिस कि लापरवाही के विरूद्ध पत्रकारिता दिवस को काला दिवस के रूप मे मनाया गया है

Input By:Aditya Shukla(Amethi)

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