गोण्डा – भाजपा नेता पाल रहे अपराधियों को , थाने में फोन करके छुड़वा दिया जाता है गुंडों को , भाजपा जिलाध्यक्ष के संरक्षण का कहर

मुख्यमंत्री जी अपराधों पर लगाम कैसे लगेगा जब आप के ही नेता और पदाधिकारी व जिलाध्यक्ष आरोपियों और अपराधियों को संरक्षण देने लगेंगे और गिरफ्तारी के बाद थाने पर फोन करके कह देंगे कि मेरा आदमी है छोड़ दो। मुख्यमंत्री साहब ये बातें हम नही कह रहे बल्कि पीड़ित खुद अस्पताल में भर्ती है और दर्द भरी जुबाँ में कह रहा है |  


मामला गोंडा के धानेपुर थानाक्षेत्र का है जंहा आज कुछ दबंग पीड़ित की खाद की दुकान पर चढ़ आये और गोली चलाते हुए जमकर मारपीट की जिसमे तीन सगे भाइयों सहित आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए जिसमे एक युवक को पैर में गोली भी लगी। जिला अस्पताल में भर्ती पीड़ित संजय शर्मा ने विपक्षी दबंगों को बीजेपी के जिलाध्यक्ष पीयूष मिश्रा पर संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए बताया कि सबसे ज्यादा पीयूष मिश्रा किये है …. जिलाध्यक्ष …. आरोपी पकड़कर आते हैं थाने पर ये फोन कर देते हैं और वो छूटकर चले जाते हैं।


       
  मुख्यमंत्री योगी जी अब किस तरह से आप अपराधियों और अपराध पर नकेल कस पाएंगे जब आप के ही जिलाध्यक्ष दबंगों और अपराधियों को संरक्षण तो देते ही हैं साथ अगर पुलिस किसी तरह हिम्मत जुटाकर उन दबंगों को थाने तक ले भी आती है तो ये फोन करके उसके छुड़ा देते हैं। पीड़ित घायल संजय की माने तो दबंगों ने बीते 13 मार्च को भी मारपीट की और तहरीर देने पर विवेचक मदन लाल गौतम को रुपया देकर दो धारा भी निकलवा की।

पीड़ित ने यह भी बताया कि राजनैतिक दबाव है और इसलिए धानेपुर थाने की पुलिस ने उल्टे मेरे ही खिलाफ 307 का मुकदमा दर्जकर लिया …. आज दुकान पर दबंग चढ़ आये और गोली मारते हुए लाठी – डंडे मारा जिसके बाद दुकान में रखे 81 हज़ार रुपये भी लूट ले गए। पीड़ित ने विवेचक दरोगा गौतम पर आरोप लगाते हुए कहा कि 50 हज़ार रुपये लेकर इन्होंने आज का दिन तय कर दिया था विपक्षियों के लिए और आज एसओ साहब के साथ खुद भी छुट्टी पर चले गए। फिलहाल इस पुरे मामले पर ASP ने बताया कि थाना धानेपुर के हनुमंता भारी गाँव मे दो पक्षों में पुरानी रंजिश में मारपीट हुई जिस पर दोनों तरफ से तहरीर लेकर मुकदमा दर्जकर लिया है और घायलों के इलाज के साथ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
 
        

 
       अब ऐसे में यह सोचना लाज़मी है कि जब एक तरफ दबंग अपराधियों पर खुद सत्तासीन पार्टी के जिलाध्यक्ष का हाथ और संरक्षण होगा और वंही दूसरी तरफ थाने की पुलिस रुपये लेकर मारपीट के लिए दिन निर्धारित करने के साथ ही धाराओं की सौदेबाज़ी मोती रकम के रूप में करेगी तो किस तरह से लग पायेगा सूबे में अपराधियों और अपराधियों पर लगाम और इसका कितना असर होगा 2019  के चुनाव पर।
Report – Sanish Srivastava

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