नोएडा-धरने के चलते किसानो ने नहीं मनाई होली

कितनी ही सरकारें बदलीं , सूबे के कितने ही मुखिया बदले लेकिन किसानों का दर्द किसी ने जानने की कोशिश नहीं की । किसानों को आज भी अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है । देश मे कर्ज के बोझ से किसान आत्महत्या कर रहा है तो कहीं सेकडों किसान अपने हक के लिए धरने पर बैठे हैं । ऐसा ही एक मामला सामने आया है नोएडा के मंगरौली गाँव का जहाँ 9 दिन से किसान धरने पर बैठे हुए है लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने इनकी सुध लेने की कोशिश नहीं की । धरने के चलते उत्तर प्रदेश के इस गांव में होली भी नहीं मनायी गयी ।

तस्वीरों में आप जिन लोगों को धरने पर बैठे हुए देख रहे हैं । ये नोएडा के दोस्तपुर मंगरौली बांगर गाँव के किसान हैं जिनसे उनकी जमीन जबरन लेना चाहता है नोएडा प्राधिकरण  । किसानों का आरोप है कि 2009 में सरकार ने मंगरौली गाँव मे रहने वाले सभी किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया था जिसके तहत उनकी मूल आबादी वाली जमीन भी प्राधिकरण ने अधिग्रहित कर ली थी । जिसके बाद किसानों ने तमाम अधिकारियों के दरबाजे खटखटाये लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई । सब जगह से निराश हो कर किसानों ने उच्च न्यायालय का दरबाजा खटखटाया । जिसके बाद उच्च न्यायालय ने 2013 में उनकी जमीन पर स्टे लगा दिया था । वहीँ गाँव के ही रहने वाले चमन प्रधान ने बताया कि स्टे होने के बाबजूद तत्कालीन ओएसडी अजय श्रीवास्तव ने उनकी जमीन को मात्र 118 /- रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से अवार्ड घोषित कर दिया है । वहीँ चमन प्रधान का कहना है कि उनके गाँव से सटे हुए अन्य गाँव को 5060 /- प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया गया है ।।   

 

मंगरौली गाँव के किसान 9 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन अभी तक प्राधिकरण की ओर से किसी भी अधिकारी ने इनकी सुध नहीं ली है । धरने के चलते इस गाँव मे इस बार होली का दहन भी नहीं किया गया । होलिका आज भी गाँव के चौराहे पर जस के तस सजी हुई है । 

आज नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी राजेश कुमार अन्य अधिकारी के साथ किसानों ने मिलने गाँव पँहुचे थे लेकिन गाँव मे जैसे ही फ़ास्ट यूपी न्यूज़ की टीम  पँहुची और राजेश कुमार व अन्य अधिकारी धरना स्थल पर से अधूरी बात छोड़ कर भाग खड़े हुए । वहीँ गाँव के ही पप्पू चौहान ने बताया की कल वो अपने घर पर परिवार के सदस्यों से धरने को लेकर चर्चा कर रहे थे तो उनकी 65 वर्षीय ताई जिनका नाम विमला देवी है उन्होंने ने भी सुना कि उनकी जमीन के बदले में नोएडा प्राधिकरण 108 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से पैसा देना चाहता है तो उन्हें काफी धक्का लगा इसी सदमे के चलते कुछ ही पल में उनकी मृत्यु हो गयी ।

किसान 9 दिन से सारे काम काज छोड़ कर गाँव मे ही धरने पर बैठे हैं । इसके चलते गाँव मे होली का त्योहार भी नहीं मनाया गया तो वहीँ इसके चलते सदमे में विमला देवी की मृत्यु हो गयी ।  किसानों की माँग है कि 108 रुपये वर्ग मीटर के अवार्ड को निरस्त कर के बर्तमान दर से उन्हें मुआवजा दिया जाए । किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गयी तो उनका प्रदर्शन उग्र होता जाएगा । वो जान दे देंगे लेकिन धरने पर से जब तक नहीं उठेंगे जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती ।
Input By-Varun Shrivastav
               

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