मथुरा – सेमरी देवी की चमत्कारी आरती आज हुई सम्पन्न

नवरात्रों में बृज के प्रसिद्ध नरी सेमरी देवी मंदिर में तीज की चमत्कारी आरती आज  संपन्न हुई । सफेद चादर से आरपार होती आरती की ज्योति को देखने के लिए मथुरा के प्रसिद्ध नरी सेमरी देवी मंदिर में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे हैं। ये चमत्कारिक आरती साल में केवल चैत्र नवरात्रों में तीज के ही के दिन संपन्न होती है।

ये हैै मान्यता
इस प्राचीन मंदिर नरीसेमरी गाँव में माँ नरी सेमरी (नगरकोट वाली देवी भी कहा जाता है ) देवी का मेला लगा हुआ है । यह मंदिर बेहद प्राचीन है मान्यताओ के अनुसार ऐसा कहा जाता है की माता नगर कोट वाली देवी का  एक भक्त था  जिनका नाम धांधू था जो माता को अपने शहर आगरा लाना चाहता था और उन्होंने माता को खुस कर हिमांचल प्रदेश से अपने साथ आगरा आने का वरदान माँगा कांगड़ा देवी ने उन्हें वचन दिया उसके साथ एक शर्त भी रखी की में तुम्हारे पीछे पीछे चलूंगी लेकिन अगर तुमने पीछे मुड़ कर देखा तो में हमेशा हमेशा के लिए उसी स्थान पर विराजमान हो जाउंगी ।

धांधू भगत ने माता की शर्त को स्वीकार कर लिया लेकिन मथुरा के नरी गांव में आकर धांधू भगत ने यह देखने के लिए पलट कर देखा की माता कांगड़ा आ रही है या नही जैसे ही धांधू भगत ने मुड़कर देखा उसी समय माता इसी स्थान पर विराजमान हो गयी । तव से लेकर आज तक देवी यही विराज मान है । इस मंदिर से जुडी कई अद्भुत कहानी है और कई चमत्कार भी है उन्ही में से एक चमत्कार यहाँ चादर आरती में भी देखने को मिलता है ।

मनोकामना होती है पूरी
इस आरती की विशेषता है की यहाँ तेज लौ की आटे से बने दीपक का स्तेमाल किया जाता है । और फिर उसे एक  सफ़ेद सूती चादर के साथ जलते दीपक से आरती की जाती है जिसे धांधू भगत के परिजन चारो कोनो से पकड़ लेते है । और उसके नीचे से इस तेज अग्नि की ज्योति उस कपडे पर घुमाई जाती है । उस दीपक की लौ को इस तरह घुमाया जाता है की लौ चादर के आर-पार हो जाती है लेकिन चादर नहीं जलती इसी आरती को चादर आरती कहा जाता है । यह आरती माँ की पारंपरिक आरती है और धांधू भगत के परिवारीजन इस पारम्परिक आरती को सेकड़ो  वर्षो से करते आ रहे है । इस अनूठी आरती को देख मंदिर में मौजूद माँ के हजारियो भक्त हैरान रह गये । आधा घंटे तक चली इस आरती के दौरान मंदिर का माहोल भक्तिमय हो गया । इस पारंपरिक और अनोखी आरती को देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग यहाँ आते है और दर्शन कर अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना करते है।
inp[ut by- Manish Chaudhary

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