मथुरा : कूड़ा उठाने की मशीन बनाने बाले छात्र को राष्ट्रपति भवन से मिला न्यौता ,19 से 23 मार्च तक राष्ट्रपति भवन में रहेगा शिकान्तो

कूड़ा उठाने की मैन्युअल मशीन बनाने के दशवीं के छात्र की इस खोज से प्रभावित होकर राष्ट्रपति ने इस छात्र से मिलने की इच्छा जाहिर की है।  राष्ट्रपति भवन से छात्र के पास एक ई -मेल आया है जिसमे उसे राष्ट्रपति भवन आने के लिए आमत्रित किया गया है। करीब पाँच दिन यह छात्र अपनी माँ के साथ राष्ट्रपति भवन में रहेगा और राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को अपने द्वारा बनायीं गयी कूड़ा उठाने की मैन्युअल मशीन के बारे में बिस्तार से चर्चा करेगा।
दरअसल सिकान्तों  मंडल मूलरूप से कोदला गांव जनपद मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और करीब 15 साल पूर्व मथुरा आकर रहने लगे। परिवार में एक पत्नी कल्पना और दो बेटे हैं। परिवार के भरण पोषण के लिए प्रशांतो रिक्शा चलाने और एक फैक्ट्री में काम करते हैं। उनका छोटा बेटा सिकांतो मंडल ने 10 वीं तक कि पढ़ाई जयगुरुदेव बाल्य बालक विद्यादान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से की और और अब 11 वीं की पढ़ाई केआर इंटर कॉलेज से कर रहा है। सिकान्तों मंडल का जन्म 4 अक्टूबर 2003 में पश्चिम बंगाल के कोदला गॉव में हुआ था । और डेढ़ माह की अवस्था में सिकान्तों मंडल के माता पिता उसे लेकर मथुरा आ गए और तब से लेकर अभी तक मथुरा में ही ये लोग किराये के मकान में रह रहे है ।अपना जीवन यापन कर रहे है जब हमने सिकान्तों मंडल के स्कूल के शिक्षकों से बात की तो उन्होंने बताया की पढ़ने में काफी तेज है और काम के साथ  साथ अपना स्कूल का काम भी समय पर करता है ।सिकंतों मंडल के साइंस टीचर मनोज कुमार ने बताया सिकंतों मंडल होनहार छात्र है

जिसे मैंने कक्षा आठ में पहचाना था और मैंने सोचा कि इसका नाम क्यों ना ऐसी जगह भेजा जाए जहां इसे एक प्लेटफॉर्म मिल सके जीवन में आगे बढ़ने का तो मैंने इसका नाम भेज दिया । हम लोग ऐसे टॉपिक पर काम करना चाहते थे जो सबसे हटके हो अलग हो हमारे स्कूल में लड़कियां झाड़ू लगाती हैं और लड़के कूड़ा उठाते हैं और कुछ बच्चे जब कूड़ा उठाना होता है तो मुंह को छुपा कर वहां से भाग जाते हैं । और कुछ ऐसा बना है कि लोगों को इंटरेस्ट आए तो शिकायतों को लेकर हमने और हमने कैसा गाड़ी बनाया जिसमें आनंद लेते लेते कूड़ा उठा सकते हैं इस गाड़ी को तैयार करने में हम लोगों को 15 से 20 दिन लग गए शिकायतों के टीचर का यह भी कहना है किसको उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मानित कर चुके हैं
सिकंतों मंडल से जब बात की तो उसने मशीन की जानकारी देते हुए बताया मैंने एक मशीन बनाई है जिसका नाम है मोबाइल गार्वेज कलेक्टिंग डिवाइस है । मेरे इस नाम से पेटेंट हुआ है जो मैंने इसको नाम दिया था मैनुअल वेस्ट लिफ्टिंग एंड डंपिंग मशीन कूड़ा उठाने के काम आता है  वह इलेक्ट्रिक से चलती है लेकिन इससे मैनुअल काम कर सकते हैं मैं जयगुरुदेव विद्यालय में पढ़ता हूं और यहां पर फ्री में बच्चों को पढ़ाया जाता है । यहां सेवा के तौर पर 15 मिनट लड़की से झाड़ू लगवाया जाता है लड़के उस कूड़े को हाथ से इकट्ठा कर फेंकते हैं और इस मशीन को बनाने का जो आईडिया मेरे आया वह साइंस के टीचर है मनोज सर उन्होंने इसको बनाने में हेल्प किया बनाने में करीब 1 महीने का समय लग गया और इसमें जो खर्चा आया है वह 15 सो रुपये से 2000 का खर्चा आया है । और मैं इसका दूसरे अपने टीचरों के साथ साथ अपने पूरे स्कूल को देना चाहूंगा साथ ही मैं अपने परिवार को देना चाहूंगा कि उन्होंने मुझे जिस तरह से पढ़ाया आगे चलकर में उनके जो सपने हैं उनको साकार करूंगा ।

6 मार्च 2018 को राष्ट्रपति भवन से आए एक मेल ने शिकांतो मंडल के परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और शिकांतो मंडल के परिवार वालों ने बताया कि हमें बहुत खुशी है कि राष्ट्रपति जी ने हमारे बेटे को अपने साथ खाना खाने के लिए दिल्ली बुलाया है। और 5 दिन तक शिकांतो मंडल राष्ट्रपति भवन में रहकर अपने द्वारा बनाई गई कूड़ा उठाने वाली मशीन की डिस्प्ले करेगा । शिकांतो मंडल की मां कल्पना मंडल ने बताया हमने बहुत मुश्किल से अपने बेटे को पढ़ाया है और हम बहुत ही गरीब हैं इसके पिता मेहनत मजदूरी करके घर चलाते हैं हमने ऐसे ही जय गुरुदेव बाबा के स्कूल में पढ़ाया । हम सोचते हैं कि हमारा बच्चा इंजीनियर बनना चाहता है सरकार कुछ मदद करें वही हम दिल्ली जा रहे हैं और राष्ट्रपति से मिलेंगे हमें बहुत खुशी हो रही है और अच्छा लग रहा है और हमारा बच्चा आगे बढ़े हमारे देश के लिए कुछ करें और बहुत अच्छी बात है यह अजीत सपने को हमारा बच्चा पूरा करने वाला है हमें बहुत खुशी हो रही है ।
Input By:Manish Singh

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