नॉएडा मै चल रहा अवैध स्कूल

शिक्षा के मन्दिरों को अब शिक्षा माफियाओं ने पैसा कमाने की दुकान बना कर रख दिया है जहाँ आपके नोनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है ।पैसे कमाने की होड़ में इन माफियाओं ने सारे नियमों को ताक पर रख अपनी साठ गांठ से स्कूल खोल तो लिए हैं लेकिन वहां शिक्षा का दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है । माफिया इतने पर भी मान जाते तो गनीमत थी । लेकिन यहाँ तो पढ़ाई के नाम पर बच्चों से कुछ और ही कराया जा रहा था। यदि आपके लाड़ले बच्चे किसी स्कूल में पड़ने जाते हैं तो सावधान हो जाइये कहीं ऐसा न हो आपका बच्चा स्कूल में मजदूरी कर रहा हो और जब आपका बच्चा स्कूल से पढ़ाई कर के बाहर निकले तो उसकी शिक्षा की मान्यता ही न हो । पेश है नोएडा से वरुण श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट ।

जरा ध्यान से देखिए इन तस्वीरों को । इन तस्वीरों को दिखा कर आपको विचलित करना हमारा जरा भी मकसद नहीं है । इन तस्वीरों के जरिये हम आपके सामने सिर्फ सच्चाई लाना चाहते हैं । तस्वीरों में आप जिन नोनिहालों को देख रहे हैं ये नोएडा के गेझा गाँव मे स्थित न्यू नोएडा पब्लिक स्कूल के दृश्य हैं जहां बच्चों से पढ़ाई के नाम पर स्कूल की बेंच उठवाई जा रही हैं । अब हम आपको रूबरू करवातें हैं स्कूल की प्रमाणिकता से । जब फास्ट यूपी न्यूज़ ने स्कूल की प्रिंसिपल से बात की तो कितनी बेशर्मी से सवालों के जबाव दे दिए और जब इन मोहतरमा से पूछा गया की स्कूल को किस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है तो सुनिए इनका हैरानी भरा जवाब

अब जरा इन तस्वीरों पर नजर डालते हैं । स्कूल की प्रिंसिपल की बातों झुठलाती ये तस्वीरें हैं उस स्कूल में पड़ने वाले बच्चों के आई कार्ड की जिसमे इन बच्चों की क्लास भी साफ साफ लिखी है जो बयान करती हैं कि स्कूल की मान्यता तो 8वीं तक थी लेकिन पैसों के लालच में यहाँ 10वीं के बच्चों को भी पढ़ाया जा रहा था । वहीँ अब सुनिए न्यू नोएडा पब्लिक स्कूल में 10वीं क्लास में पड़ने वाले पीयूष कुमार का बयान

नोइडा के गेझा गाँव के ही रहने वाले आर टी आई ऐक्टिविस्ट कपिल त्यागी ने जब सूचना विभाग से इसकी जानकारी मांगी तो उन्हें विभाग की तरफ से खाना पूर्ति के लिए ग़ुमराह करने वाला जबाब दे दिया गया । वहीं जब फास्ट यूपी न्यूज़ ने गौतम बुद्ध नगर के बी. एस.ए. बाल मुकुंद से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मिलने से साफ मना कर दिया । वहीं मीडिया में मामला आने के बाद नोएडा के सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है स्कूल की मान्यता की जांच पड़ताल के लिए सम्भन्धित अधिकारी को निर्देश दे दिए गए हैं यदि स्कूल के मानकों में कुछ भी कमी मिलती है तो स्कूल को बंद कराने की कार्यवाही की जाएगी ।।

जब ऐसे स्कूलों से पड़ कर देश का भविष्य स्कूल से बाहर निकलेंगे तो देश का भविष्य क्या लिखेंगे । बड़ा सवाल ये उठता है कि सभी मानकों को पूरा किये बिना इन स्कूलों को मान्यता कैसे मिल जाती है । किसी पीड़ित की शिकायत बाहर आने से पहले प्रशासन कहाँ सो रहा होता है । देखना होगा आने वाले दिनों में पैसे कमाने की दुकान बन चुके स्कूलों पर प्रशासन कैसे लगाम लगाता है

input By:Varun Srivastav

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