मुरादाबाद – दसवीं फेल छात्रा ने की इंटर परीक्षा पास

pusblished by- vaibhav sharma
नकल माफियाओं की भेंट चढ़ा छात्रा का भविष्य, दसवीं में फेल, इंटर पास
मुरादाबाद-उत्तर प्रदेश में शिक्षा माफिया किस कदर हावी है यह किसी से छुपा नही है। आज से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा में सरकार नकलविहीन परीक्षा कराने का दावा कर रही है लेकिन उससे पहले एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने उत्तर प्रदेश में शिक्षा माफियाओं की पोल खोल दी है।

आमतौर पर आपने हाईस्कूल परीक्षा पास करने के बाद ही इंटरमीडिएट की परीक्षा पास होते हुए छात्रों को देखा होगा लेकिन अगर आप यूपी में है तो यह आवश्यक नःही रह जाता। जी हां हाईस्कूल में फेल छात्रा अगर इंटर में पास हो जाय तो आप विश्वास नही करोगे लेकिन मुरादाबाद जनपद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां हाईस्कूल फेल छात्रा को स्कूल ने इंटर में ना सिर्फ एडमिशन दिलवाया बल्कि उसने इंटर की परीक्षा भी पास कर ली। इंटर पास यह छात्रा अब हाईस्कूल की मार्कशीट के लिए दर दर की ठोकरे खा रही है। पेश है एक रिपोर्ट-तस्वीरों में घर का काम निपटाती इस छात्रा को देखकर पहली नजर में आपको शायद सब कुछ सामान्य लगे लेकिन इस छात्रा के साथ जो हुआ वो आपको हैरान कर देगा। मुरादाबाद जनपद के बिलारी थाना क्षेत्र में स्थित   ग्वारउ गांव में रहने वाली इस छात्रा का नाम शिखा है।  शिखा जीएसए इंटर कालेज गवलखेड़ा से बारहवीं पास है। जिसके प्रमाण के तौर पर उसके पास इंटर की मार्कशीट भी है। लेकिन इंटर पास शिखा पिछले कई महीनों से दर दर की ठोकरे खा रही है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार शिखा इंटर पास तो है लेकिन वह हाईस्कूल फेल भी है। शिखा ने वर्ष 2015 में जब हाईस्कूल की परीक्षा दी थी तो कालेज ने उसको पास बताते हुए उसका इंटर में एडमिशन करा दिया। शिखा ने जब हाईस्कूल के अंक पत्र की मांग की तो कालेज प्रशासन ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। इसी बीच छात्रा ने इंटर का परीक्षा फार्म भी भर दिया और उसके आधार पर उसने इंटर की परीक्षा भी दे दी। इंटर पास होने के बाद भी जब कालेज प्रशासन ने मार्कशीट नःही दी तो परिजनों ने कॉलेज में जाकर हंगामा किया। इंटर पास की मार्कशीट कालेज ने दे दी लेकिन हाईस्कूल की मार्कशीट में कुछ सुधार होने की बात कहकर मामले को टाल दिया। पिछले छह महीनों से जब कालेज मामले को टालता रहा तो परिजनों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेतीय कार्यालय  में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद उन्हें बताया गया कि शिखा हाईस्कूल में तीन विषयो में फेल थी।
हैरान करने वाली बात यह है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के परीक्षा ऑनलाइन फार्म भरे जाते है जिसमे हाईस्कूल की मार्कशीट भी सॉफ्टवेयर में दर्ज होती है वावजूद इसके शिखा का फेल होने के वावजूद इंटर में परीक्षा देने का मामला मिलीभगत का नतीजा है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने इंटर पास शिखा का एडमिशन स्नातक के लिए अपने एक पहचान वाले के निजी डिग्री कालेज में भी करा दिया। स्नातक परीक्षा के लिए निजी कालेज ने जब मार्कशीट लाने के लिए कहा तो मामला उजागर हुआ। हाईस्कूल फेल होने के बाद इंटर पास होने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कम्प मचा  हुआ है। परिजनों की शिकायत पर डीआईओएस ने कॉलेज को नोटिस देकर तीन दिन में जाँच रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है। डीआईओएस के मुताबिक रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अगर कालेज दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इंटर पास छात्रा शिखा का भविष्य शिक्षा माफियाओं के चलते अधर में लटका है वही शिखा के हाईस्कूल फेल होने के वावजूद इंटर पास करने की घटना से माध्यमिक शिक्षा परिषद की शाख भी दांव पर लगी है।
शिखा का मामला बताने के लिए काफी है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद में किस तरह कोई भी कही भी किसी भी परीक्षा को पास कर सकता है।
input: SHARIQ SIDDIQUI

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