अलीगढ – देखे जब दुल्हन की हुई हेलीकॉप्टर से अनोखी विदाई , तो उमड़ा जन शैलाब |

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अनोखी विदाई देखने को ग्रामीणों की उमड़ी भीड़, सिर्फ विदाई समारोह में 3 लाख रुपये का आया खर्चा ।

एएक समय था जब दुल्हन की विदाई के लिए दूल्हा बारात के साथ बग्गी और बैल गाड़ी में आया करते थे, दूल्हा बग्गी में जाया करता था तो दुल्हल को डोली में कच्चे रास्तों से होते हुए पैदल अपने मायके से ससुराल के लिए विदा करके ले जाया जाता था, लेकिन धीरे-2 समय के साथ इतना बदलाव हुआ कि अच्छी से अच्छी महंगी गाड़ियां विदाई में प्रयोग किये जाने लगी और दुल्हन की विदाई सड़क के रास्तों से उठकर हवा में होने लगी हैं

दरअसल हम बात कर रहे हैं एक ऐसी अनोखी विदाई की जो हेलीकॉप्टर में हुई है, जिसे देखने के लिए हजारों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी जिसे नियंत्रण करने के लिए स्थानीय पुलिस को व्यवस्था बनानी पड़ी ।

अलीगढ़ की तहसील इगलास इलाके के गाँव बधिया निवासी बनवारी सिंह जो मिलिट्री में सूबेदार हैं की दो बेटियां मीरा और रेखा की शादी मथुरा निवासी शिवजी सिंह जो कि किसान है उनके दो बेटों कुशल पाल और कौशलेंद्र के साथ तय हुई थी, नियत तिथि के अनुसार कल शादी हुई और आज उसकी विदाई का कार्यक्रम हुआ

लेकिन इस शादी की विदाई इतनी अनोखी थी कि सिर्फ उसी गाँव के नहीं आसपास के गाँव के ग्रामीणों की भीड़ इस विदाई को देखने के लिए उमड़ पड़ी जिसे नियंत्रण करने के लिए स्थानीय पुलिस को स्थिति काबू में करनी पड़ी । दरअसल दोनों दूल्हों के पिता की हार्दिक इक्षा थी कि उनके दोनों बेटों की दुल्हन हेलीकॉटर में विदा होकर आयें

, जिसे सभी देखते के देखते रह जाये, इस ख्याहिश को पूरा करने के लिए शिवजी सिंह ने इस शादी की विदाई के लिए एक हेलीकॉप्टर किराये पर लिया जिसका पूरा खर्चा करीब 3 लाख रुपये बताया गया है, क्योंकि हेलीकॉप्टर का किराया 1.83 लाख रुपये तो उसकी परमिशन में आने वाला खर्चा 1.10 लाख रुपये बताया गया है, आपको बतादें शिवजी सिंह का एक बेटा इंजियर है

तो दूसरा पुलिस में सिपाही है, इस संबंध में बेटियों के पिता ने कहा कि यह सब देखकर बहुत खुशी हुई कि उनकी बेटियों की विदाई इतनी यादगार बन गई है कि आगे लोग याद रखेंगे, जिसका पूरा खर्च भी दूल्हे के पिता द्वारा उठाया गया है, इस विदाई को देखने के लिए ग्रामीणों में काफी उत्शाह दिख रहा था, और हेलीकॉप्टर के साथ नवयुवक सेल्फी भी ले रहे थे, हालांकि इस तरह की विदाई बड़े शहरों में आम बन चुकी हैं ।

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