यूपी में हथियारों का शौक, बांट रहा मौत !

उत्तर प्रदेश में इन दिनों मानों अपराध की बाढ़ सी आ गई है, सरकार से लेकर पुलिस प्रशासन तक आपराधिक घटनाओं से सकते में है। सीएम योगी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं किसी भी सूरत में आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगनी चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं यूपी में अपराध बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हथियारों का सबसे ज्यादा होना है। ये बात उपराष्ट्रपति भी लखनऊ आकर कह चुके हैं।

यूपी दिवस के उद्घाटन समारोह में शिरकत करने पहुंचे उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी कानून व्यवस्था के लिए लाइसेंसी असलहों को खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि सरकार को लोगों से असलहे वापस लेने चाहिए। उपराष्ट्रपति के इस बयान के कुछ ही घन्टों बाद मेरठ में एक मिनट में दो कत्ल किए गए। मां-बेटे को मौत की नींद सुला दिया गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद इस सनसनीखेज वारदात की तस्वीरें इस बात का भी खुलासा कर रही हैं कि मेरठ और वेस्ट यूपी कैसे अवैध हथियारों की मंडी बन गया है।

यूपी में होने वाले अपराध के आंकड़े पर गौर करें तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के साल 2016 के आंकड़ों के मुताबिक यूपी में गोली मारकर 14 सौ से ज्यादा लोगों की हत्या की गई। इनमें 181 कत्ल लाइसेंसी असलहों से जबकि 13 से ज्यादा हत्याएं अवैध हथियारों से किए गए। हालांकि लाइसेंसी असलहों से वारदात की संख्या कम होती है। कई बार यह देखने में आया है कि हर्ष फायरिंग और खुदकुशी के लिए लोग लाइसेंसी असलहों का इस्तेमाल करते हैं।

यूपी में आत्मरक्षा के नाम पर लोगों को जमकर लाइसेंसी असलहे बांटे गए हैं। वर्तमान में यूपी में 12 लाख 58 हजार 638 लाइसेंसी असलहे हैं। इसके चलते लाइसेंसी असलहे जारी करने पर रोक लगानी पड़ी। यूपी में अवैध असलहों का कारोबार भी खासा जोर पर है। यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 में प्रदेशभर में करीब 24,789 अवैध असलहे और 332 असलहा फैक्ट्री पकड़ीं। वर्ष 2016 में यूपी में आर्म्स ऐक्ट के तहत सबसे ज्यादा 27,227 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 16,990 तमंचे, 439 लाइसेंसी और 9,760 अन्य असलहे पकड़े गए। प्रदेशभर से कुल 27,189 असलहे पकड़े गए।

यही नहीं देश में लाइसेंसी बंदूक रखने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियारों के मामले में पूरे देश में उत्तर प्रदेश अव्वल है। 22 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 13 लाख से ज्यादा लोगों के पास हथियार के लाइसेंस हैं। प्रदेश में ज्यादातर हथियार अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से मांगे जाते हैं। शायद यहां की जनता को सरकार और पुलिस पर उतना भरोसा नहीं है, इसलिए हथियारों की इतनी डिमांड बढ़ रही है।

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